प्रेयसी की अनुपम सुध
प्रियतमा (31/10/2020) घनघोर घटा जब छा जाय । जब स्याह मेघ नीर बरसाय ।। उसपर से वो कृष्ण यामिनी। प्रेयसी की अनुपम सुध लाय।। अप्रतिम आनन सुरभि , मनमोहक तसव्वुर प्रियतमा की। दृष्टिपटल , हिया क्षोभ पुलकित हर्षाय ।।